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    ई-इलाहाबाद उच्च न्यायालय निर्णय पत्रिका (e-AHCR)

    Publish Date: January 27, 2026

    इलाहाबाद उच्च न्यायालय के इतिहास का सारांश

    इलाहाबाद उच्च न्यायालय, भारत में न्यायिक प्रणाली के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 1834 से 1861 तक, भारत में दो अलग-अलग न्यायालय प्रणालियाँ थीं – राजा के न्यायालय और ईस्ट इंडिया कंपनी के न्यायालय। 1861 में भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम पारित होने के बाद, इन दोनों प्रणालियों को एकीकृत करने का प्रयास किया गया। 1866 में आगरा में उत्तर पश्चिमी प्रांतों के लिए एक नया उत्तर-पश्चिमी प्रांतीय उच्च न्यायालय स्थापित किया गया, जिसे कुछ विशेष मामलों में मूल क्षेत्राधिकार प्रदान किया गया, परंतु यह सामान्य नागरिक अधिकार क्षेत्र नहीं था। 1869 में इस न्यायालय की पीठ आगरा से इलाहाबाद स्थानांतरित कर दी गई और वर्ष 1916 से यह वर्तमान भवन से संचालित हो रहा है। 1919 में इस उच्च न्यायालय का नाम बदलकर ‘इलाहाबाद उच्च न्यायालय, इलाहाबाद’ कर दिया गया, जो वर्तमान मे प्रयागराज जनपद मे स्थित है। इस उच्च न्यायालय को अधीनस्थ न्यायालयों पर अधीक्षण की शक्तियाँ दी गईं, जो बाद में भारत के संविधान में भी शामिल की गईं। अवध क्षेत्र में, 1856 से 1925 तक न्यायिक आयुक्त का न्यायालय अपील का सर्वोच्च न्यायालय था, जिसका कालांतर मे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विलय कर दिया गया। यह इतिहास दर्शाता है कि कैसे भारतीय न्यायिक प्रणाली धीरे-धीरे विकसित हुई और एकीकृत हुई, जिसने आधुनिक भारत के न्यायिक ढांचे की नींव रखी।
    https://www2.allahabadhighcourt.in/misc/suvas/index.html